![]() |
| WhatsApp New Security Feature: पुराने फोन में बंद हो सकता है WhatsApp Login, जानें पूरा मामला |
WhatsApp का नया सिक्योरिटी नियम: पुराने सॉफ्टवेयर पर लॉगिन हो सकता है बंद
WhatsApp अपने यूजर्स की सुरक्षा को लेकर लगातार नए बदलाव कर रहा है। अब कंपनी एक ऐसे सिक्योरिटी फीचर की टेस्टिंग कर रही है, जिसके तहत पुराने Android और iOS सॉफ्टवेयर वाले फोन पर WhatsApp का एक्सेस रोका जा सकता है। आसान भाषा में समझें तो अगर आपके फोन में काफी पुराना ऑपरेटिंग सिस्टम है और उसके लिए नया अपडेट उपलब्ध है, तो WhatsApp इस्तेमाल करने से पहले आपको फोन अपडेट करने के लिए कहा जा सकता है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह बदलाव अभी सभी यूजर्स के लिए लागू नहीं हुआ है। फिलहाल कुछ चुनिंदा Android और iPhone यूजर्स के अकाउंट्स पर इसकी टेस्टिंग की जा रही है।
WhatsApp लॉगिन से पहले क्यों मांग रहा है सॉफ्टवेयर अपडेट?
WABetaInfo की रिपोर्ट के अनुसार, कुछ यूजर्स को WhatsApp खोलने या लॉगिन करने के दौरान एक अलग स्क्रीन दिखाई जा रही है। इसमें फोन के ऑपरेटिंग सिस्टम को अपडेट करने की सलाह दी जा रही है। खास बात यह है कि प्रभावित यूजर्स इस मैसेज को नजरअंदाज करके सीधे WhatsApp में प्रवेश नहीं कर सकते।
यानी अगर आपके अकाउंट पर यह नियम लागू होता है, तो पहले फोन की Settings में जाकर उपलब्ध सॉफ्टवेयर अपडेट इंस्टॉल करना होगा। इसके बाद ही WhatsApp का इस्तेमाल जारी रखने की अनुमति मिल सकती है।
किन यूजर्स पर हो सकता है असर?
अभी WhatsApp ने यह नहीं बताया है कि किन Android या iOS वर्जन पर यह नियम लागू किया जाएगा। इसलिए फिलहाल किसी खास सॉफ्टवेयर वर्जन को लेकर पक्की जानकारी देना जल्दबाजी होगी।
पुराने सॉफ्टवेयर से WhatsApp को क्या परेशानी है?
पुराने ऑपरेटिंग सिस्टम में कई बार नए सिक्योरिटी पैच और जरूरी सुरक्षा सुधार मौजूद नहीं होते। ऐसे फोन साइबर हमलों और दूसरे सुरक्षा जोखिमों के प्रति ज्यादा संवेदनशील हो सकते हैं।
इसी वजह से WhatsApp पुराने सॉफ्टवेयर पर चलने वाले डिवाइसेज को लेकर ज्यादा सख्ती कर सकता है। लॉगिन से पहले अपडेट की शर्त लगाना कंपनी के लिए यह सुनिश्चित करने का एक तरीका हो सकता है कि यूजर्स अपेक्षाकृत सुरक्षित सॉफ्टवेयर इस्तेमाल कर रहे हैं।
WhatsApp को दोबारा डाउनलोड करने की जरूरत नहीं
इस बदलाव की एक खास बात यह है कि यह सर्वर-साइड तरीके से लागू किया जा रहा है। इसका मतलब है कि जिन यूजर्स पर यह टेस्ट पहुंच रहा है, उन्हें जरूरी नहीं कि Play Store या App Store से WhatsApp का कोई नया वर्जन डाउनलोड करना पड़े।
हालांकि, फोन के ऑपरेटिंग सिस्टम का अपडेट उपलब्ध होने पर उसे इंस्टॉल करना जरूरी हो सकता है।
अनऑफिशियल WhatsApp Web क्लाइंट पर भी चेतावनी
WhatsApp सिर्फ पुराने सॉफ्टवेयर को लेकर ही बदलाव नहीं कर रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी उन अकाउंट्स के लिए भी एक चेतावनी की टेस्टिंग कर रही है जो अनऑफिशियल WhatsApp Web क्लाइंट्स से जुड़े हुए हैं।
यह चेतावनी Linked Devices सेक्शन में दिखाई दे सकती है और यूजर्स को आधिकारिक WhatsApp क्लाइंट इस्तेमाल करने की सलाह दे सकती है। ऐसे थर्ड-पार्टी क्लाइंट WhatsApp अकाउंट से कनेक्ट हो सकते हैं, लेकिन वे कंपनी के आधिकारिक तौर पर विकसित या समर्थित प्लेटफॉर्म नहीं हैं।
अभी सभी WhatsApp यूजर्स को घबराने की जरूरत नहीं
फिलहाल यह बदलाव सीमित संख्या में Android और iOS अकाउंट्स पर टेस्ट किया जा रहा है। जिन यूजर्स को अपडेट करने वाली स्क्रीन दिखाई नहीं दे रही है, वे सामान्य तरीके से WhatsApp चला सकते हैं।
WhatsApp ने अभी यह साफ नहीं किया है कि भविष्य में किन OS वर्जन के लिए लॉगिन ब्लॉक किया जाएगा और यह नियम सभी यूजर्स तक कब पहुंचेगा। इसलिए अभी सबसे बेहतर यही है कि फोन में उपलब्ध सिस्टम अपडेट को नजरअंदाज न करें और WhatsApp के लिए आधिकारिक ऐप और वेब क्लाइंट का ही इस्तेमाल करें।
निष्कर्ष
WhatsApp का यह संभावित बदलाव पुराने सॉफ्टवेयर से जुड़े सुरक्षा जोखिमों को कम करने की दिशा में एक कदम माना जा सकता है। अगर कंपनी इसे बड़े स्तर पर लागू करती है, तो पुराने ऑपरेटिंग सिस्टम वाले यूजर्स को WhatsApp चलाने के लिए अपने फोन को अपडेट करना पड़ सकता है। फिलहाल यह केवल टेस्टिंग चरण में है और इसके व्यापक रोलआउट को लेकर कंपनी की ओर से कोई स्पष्ट आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

