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| WhatsApp पर अनजान नंबरों से आ रही हैं कॉल? ठगी से बचने के लिए तुरंत ऑन करें ये 2 सेटिंग्स |
WhatsApp पर अनजान नंबरों से आ रही हैं कॉल? ठगी से बचने के लिए तुरंत ऑन करें ये 2 सेटिंग्स
आज के समय में WhatsApp का इस्तेमाल सिर्फ दोस्तों और परिवार से बात करने के लिए नहीं होता, बल्कि साइबर अपराधी भी इसी प्लेटफॉर्म का सहारा लेकर लोगों को ठगने की कोशिश कर रहे हैं। कभी विदेशी नंबर से कॉल आती है, तो कभी कोई अनजान व्यक्ति वीडियो कॉल करके डराने या ब्लैकमेल करने लगता है। ऐसे में जरूरी है कि आप WhatsApp की सुरक्षा सेटिंग्स को समझें और उनका सही तरीके से इस्तेमाल करें।
अगर आपके फोन पर भी अनजान नंबरों से बार-बार WhatsApp कॉल आती हैं, तो सावधान हो जाएं। खासकर पाकिस्तान, वियतनाम या किसी दूसरे देश के अनजान नंबर से आने वाली कॉल पर बिना सोचे-समझे भरोसा न करें। हालांकि, हर विदेशी नंबर से आने वाली कॉल फर्जी नहीं होती, लेकिन उसकी पहचान किए बिना निजी जानकारी साझा करना जोखिम भरा हो सकता है।
WhatsApp कॉल के जरिए कैसे होती है साइबर ठगी?
साइबर अपराधी लोगों को अपने जाल में फंसाने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाते हैं। कई बार वे खुद को पुलिस, CBI या कस्टम विभाग का अधिकारी बताते हैं। इसके बाद किसी फर्जी मामले में नाम आने या गिरफ्तारी होने का डर दिखाकर पैसे मांगते हैं। इस तरह की ठगी को अक्सर डिजिटल अरेस्ट स्कैम कहा जाता है।
इसके अलावा, वीडियो कॉल के जरिए ब्लैकमेलिंग के मामले भी सामने आते हैं। इसमें अपराधी अश्लील वीडियो या आपत्तिजनक सामग्री दिखाकर स्क्रीनशॉट या रिकॉर्डिंग का इस्तेमाल करने की धमकी दे सकते हैं। बदनामी के डर से पीड़ित व्यक्ति पैसे देने लगता है।
पहली सेटिंग: Silent Unknown Callers करें ऑन
WhatsApp का Silent Unknown Callers फीचर अनजान नंबरों से आने वाली कॉल के कारण होने वाली परेशानी कम कर सकता है। इसे चालू करने पर सेव नहीं किए गए नंबरों से आने वाली कॉल की रिंग नहीं बजती। हालांकि, ये कॉल WhatsApp के कॉल टैब में दिखाई दे सकती हैं।
इस सेटिंग को चालू करने के लिए WhatsApp खोलें। इसके बाद Settings में जाएं और Privacy विकल्प चुनें। अब Calls पर टैप करें और Silent Unknown Callers को ऑन कर दें।
इससे अनजान कॉल आने पर आपका ध्यान बार-बार नहीं भटकेगा और जल्दबाजी में संदिग्ध कॉल उठाने की आशंका भी कम हो सकती है। ध्यान रखें कि जरूरी कॉल भी साइलेंट हो सकती हैं, इसलिए जरूरत पड़ने पर कॉल टैब चेक करते रहें।
दूसरी सेटिंग: Protect IP Address in Calls करें एक्टिव
WhatsApp की दूसरी उपयोगी सेटिंग Protect IP Address in Calls है। सामान्य परिस्थितियों में इंटरनेट कॉलिंग के दौरान कनेक्शन के तरीके के आधार पर दूसरे व्यक्ति को आपके नेटवर्क से जुड़ी कुछ तकनीकी जानकारी मिल सकती है। IP एड्रेस से अनुमानित नेटवर्क या लोकेशन संबंधी जानकारी सामने आने का जोखिम हो सकता है।
इस सेटिंग को चालू करने पर WhatsApp कॉल Meta के सर्वर के जरिए रिले की जाती हैं, जिससे कॉल करने वाले दूसरे व्यक्ति से आपका IP एड्रेस छिपाने में मदद मिलती है।
इसे चालू करने के लिए WhatsApp की Settings में जाएं। फिर Privacy विकल्प खोलें और Advanced पर टैप करें। यहां Protect IP Address in Calls का विकल्प मिले, तो उसे ऑन कर दें। ऐप के वर्जन के हिसाब से विकल्पों के नाम या उनकी जगह में थोड़ा अंतर हो सकता है।
WhatsApp को सुरक्षित रखने के लिए इन बातों का भी रखें ध्यान
इन दोनों सेटिंग्स के अलावा कुछ सावधानियां अपनाना भी जरूरी है। किसी अनजान व्यक्ति को OTP, बैंक खाते की जानकारी या निजी दस्तावेज न भेजें। संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें और किसी के कहने पर स्क्रीन शेयरिंग ऐप इंस्टॉल न करें।
अगर कोई व्यक्ति पुलिस या सरकारी अधिकारी बनकर गिरफ्तारी की धमकी देता है और तुरंत पैसे ट्रांसफर करने को कहता है, तो घबराकर भुगतान न करें। उसकी पहचान की स्वतंत्र रूप से जांच करें। ठगी होने पर भारत में साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें या आधिकारिक पोर्टल cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
निष्कर्ष
WhatsApp पर आने वाली हर अनजान कॉल धोखाधड़ी नहीं होती, लेकिन बिना पहचान जांचे किसी पर भरोसा करना नुकसानदेह हो सकता है। Silent Unknown Callers और Protect IP Address in Calls जैसी सेटिंग्स आपकी गोपनीयता मजबूत करने में मदद करती हैं। इन्हें चालू करने के साथ-साथ सतर्क रहना भी जरूरी है, क्योंकि कोई भी एक सेटिंग हर तरह की साइबर ठगी से पूरी सुरक्षा की गारंटी नहीं देती।

