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| WhatsApp Restricted Chat फीचर हुआ स्पॉट, Chat Export और Linked Devices पर लगेगी रोक, जानें पूरी डिटेल |
WhatsApp का नया Restricted Chat फीचर: चैट एक्सपोर्ट से लेकर Linked Devices तक पर लगेगी रोक
अगर आपकी WhatsApp चैट में निजी जानकारी, फोटो या संवेदनशील बातचीत रहती है, तो आने वाला नया फीचर आपके लिए खास हो सकता है। WhatsApp कथित तौर पर Restricted Chat नाम के विकल्प पर काम कर रहा है, जो चैट की सुरक्षा को सामान्य प्राइवेसी सेटिंग्स से आगे ले जाने की कोशिश करता है। इसका उद्देश्य बातचीत को दूसरे डिवाइस और कुछ बाहरी टूल्स से सुरक्षित रखना है।
WhatsApp Restricted Chat फीचर क्या है?
रिपोर्ट्स के अनुसार, WhatsApp अपने मौजूदा Advanced Chat Privacy फीचर को नए नाम Restricted Chat के साथ पेश करने की टेस्टिंग कर रहा है। इसके जरिए किसी खास चैट पर अतिरिक्त प्रतिबंध लगाए जा सकेंगे। यह बदलाव फिलहाल चुनिंदा Android बीटा यूजर्स के लिए टेस्ट किए जाने की बात सामने आई है।
नए नाम के पीछे एक वजह यह भी बताई जा रही है कि Advanced Chat Privacy नाम से कुछ यूजर्स को यह गलतफहमी हो सकती थी कि इस विकल्प को सक्रिय नहीं करने पर उनकी चैट पर्याप्त सुरक्षित नहीं है। Restricted Chat नाम फीचर के उद्देश्य को ज्यादा स्पष्ट कर सकता है।
चैट में मिलेंगे कई तरह के प्राइवेसी प्रतिबंध
इस फीचर को सक्रिय करने पर संबंधित बातचीत पर कई सीमाएं लागू हो सकती हैं। संभावित बदलावों को इस तरह समझा जा सकता है:
इन बदलावों का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा Linked Devices से जुड़ा हुआ है। यानी प्रतिबंधित चैट के संदेशों को दूसरे लिंक्ड डिवाइस के जरिए देखने की संभावना को सीमित किया जा सकता है।
Linked Devices पर रोक क्यों महत्वपूर्ण है?
WhatsApp का मल्टी-डिवाइस सिस्टम यूजर्स को फोन के अलावा कंप्यूटर, टैबलेट और अन्य समर्थित डिवाइसेज पर चैट इस्तेमाल करने की सुविधा देता है। लेकिन रिपोर्ट के मुताबिक Restricted Chat का उद्देश्य कुछ ऐसे अनऑफिशियल क्लाइंट्स या AI एजेंट्स के लिए रास्ता मुश्किल करना भी है, जो बातचीत तक पहुंचने के लिए लिंक्ड डिवाइस सिस्टम पर निर्भर हो सकते हैं।
फीचर सक्रिय होने पर चैट के मैसेज दोनों प्रतिभागियों के प्राइमरी डिवाइस तक सीमित रखने का प्रयास किया जा सकता है।
End-to-End Encryption के साथ अतिरिक्त सुरक्षा
WhatsApp पर पहले से ही एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन मौजूद है। Restricted Chat उससे अलग एक अतिरिक्त सुरक्षा परत के तौर पर काम कर सकता है। इसका फोकस संदेशों की सामग्री को केवल सुरक्षित रखने तक सीमित न रहकर चैट को एक्सपोर्ट करने, मीडिया सेव करने और दूसरे डिवाइसेज से एक्सेस करने जैसी गतिविधियों को नियंत्रित करना है।
WhatsApp में और भी बदलावों पर काम
Restricted Chat के अलावा WhatsApp के इंटरफेस में भी बदलाव की टेस्टिंग की खबर है। कंपनी बिना टेक्स्ट लेबल वाले नए बॉटम नेविगेशन बार पर काम कर रही है, जिससे ऐप का डिजाइन पहले की तुलना में ज्यादा साफ और आधुनिक दिखाई दे सकता है।
इसके साथ ही टीन अकाउंट्स के लिए पैरेंटल कंट्रोल्स भी WhatsApp की सुरक्षा-केंद्रित कोशिशों का हिस्सा हैं। इनका उद्देश्य माता-पिता को बच्चों के WhatsApp इस्तेमाल पर अतिरिक्त सुरक्षा नियंत्रण उपलब्ध कराना है।
निष्कर्ष
WhatsApp Restricted Chat फीचर अभी टेस्टिंग चरण में बताया जा रहा है, इसलिए इसके अंतिम रूप और सभी यूजर्स के लिए उपलब्ध होने की तारीख की पुष्टि नहीं हुई है। अगर WhatsApp इसे व्यापक रूप से जारी करता है, तो निजी बातचीत को एक्सपोर्ट, मीडिया सेविंग और Linked Devices के जरिए एक्सेस करने पर मिलने वाले अतिरिक्त नियंत्रण यूजर्स की चैट प्राइवेसी को और मजबूत कर सकते हैं।

