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WhatsApp Scam Alert Feature: आ रहा है खतरनाक ठगी से बचाने वाला नया एआई फीचर, बिना चैट पढ़े पकड़ेगा ऑनलाइन फ्रॉड
आज के डिजिटल दौर में ऑनलाइन ठगी और साइबर फ्रॉड के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है, जहां साइबर अपराधी भोले-भाले लोगों को अपना शिकार बनाने के लिए नए-नए तरीके अपनाते हैं। ऐसे में लोकप्रिय मैसेजिंग प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप अपने करोड़ों यूजर्स की सुरक्षा को और पुख्ता करने के लिए एक बेहद दमदार और नया सिक्योरिटी फीचर लेकर आ रहा है। इस अपकमिंग फीचर का नाम स्कैम अलर्ट है, जो अनजान नंबरों से आने वाले संदिग्ध और फर्जी संदेशों की समय रहते पहचान करके यूजर्स को तुरंत चेतावनी देगा। इस तकनीक की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह बिना यूजर की किसी भी पर्सनल चैट को पढ़े और बिना प्राइवेसी से समझौता किए सीधे मोबाइल डिवाइस पर ही फ्रॉड मैसेज का पता लगा लेगा।
व्हाट्सएप का यह स्कैम अलर्ट फीचर आधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग तकनीक पर आधारित है। जब कोई अनजान शख्स किसी यूजर को मैसेज भेजता है, तो फोन में डाउनलोड किया गया एक छोटा मशीन लर्निंग मॉडल उस बातचीत के पैटर्न को एनालाइज करता है। यदि सिस्टम को लगता है कि मैसेज में दी गई जानकारी किसी संभावित स्कैम या ऑनलाइन ठगी से मेल खाती है, तो वह तुरंत चैट के अंदर एक वार्निंग अलर्ट दिखा देता है। यह चेतावनी केवल उसी यूजर को दिखाई देती है जिसे संदिग्ध संदेश प्राप्त हुआ है, जिससे मैसेज भेजने वाले फ्रॉडस्टर को इसकी भनक तक नहीं लगती है।
प्राइवेसी की दृष्टि से यह नया फीचर उपयोगकर्ताओं के लिए पूरी तरह सुरक्षित और भरोसेमंद माना जा रहा है। मेटा स्पष्ट कर चुका है कि स्कैम की पहचान करने की पूरी प्रक्रिया ऑन-डिवाइस होगी, जिसका मतलब है कि यूजर की चैट का कंटेंट जांच के लिए व्हाट्सएप या किसी अन्य सर्वर पर नहीं भेजा जाएगा। इसके अलावा, यह फीचर पूरी तरह से ऑप्शनल है जो डिफ़ॉल्ट रूप से बंद रहता है। यूजर अपनी मर्जी से व्हाट्सएप की सेटिंग्स में जाकर इसे इनेबल कर सकते हैं। यदि किसी सामान्य बातचीत को गलती से संदिग्ध मान लिया जाता है, तो यूजर उसे ट्रस्टेड मार्क कर सकता है या अपनी सुविधा के अनुसार संबंधित अकाउंट को ब्लॉक और रिपोर्ट भी कर सकता है।
फिलहाल इस आधुनिक स्कैम डिटेक्शन सिस्टम को सीमित एंड्रॉइड बीटा टेस्टर्स के लिए रोलआउट किया गया है और इसकी टेस्टिंग पूरी होने के बाद इसे जल्द ही दुनिया भर के सभी आम यूजर्स के लिए जारी किए जाने की उम्मीद है। भारत जैसे देश में जहां डिजिटल धोखाधड़ी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, यह फीचर साइबर क्राइम पर लगाम लगाने में एक मील का पत्थर साबित हो सकता है।

