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| WhatsApp New Feature: अब WhatsApp पर पहचानें AI कंटेंट, जानिए कैसे काम करेगा नया फीचर |
WhatsApp का नया फीचर: अब आसानी से पहचानें AI कंटेंट, जानिए कैसे काम करेगी यह तकनीक
आज के डिजिटल दौर में WhatsApp केवल मैसेज भेजने का जरिया नहीं रहा, बल्कि यह जानकारी और मीडिया शेयर करने का सबसे बड़ा प्लेटफॉर्म बन चुका है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर कोई अपने दैनिक जीवन में WhatsApp का इस्तेमाल करता है। लेकिन जैसे-जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI का चलन तेजी से बढ़ रहा है, वैसे-वैसे डीपफेक और फर्जी तस्वीरों या वीडियो का खतरा भी बढ़ गया है। इस समस्या से निपटने के लिए Meta लगातार नए प्रयास कर रहा है। हाल ही में WhatsApp ने एक ऐसा शानदार फीचर पेश किया है, जिसकी मदद से यूजर्स आसानी से यह पहचान सकेंगे कि कोई मीडिया कंटेंट AI द्वारा बनाया गया है या नहीं।
WhatsApp AI Content Label: क्या है यह नया फीचर?
WhatsApp ने अपने प्लेटफॉर्म पर सुरक्षा और पारदर्शिता को बढ़ाने के लिए एक नया 'AI Content Label' फीचर रोलआउट करना शुरू कर दिया है। वर्तमान में इस फीचर को चुनिंदा बीटा टेस्टर्स के लिए जारी किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, यह अपडेट सबसे पहले iOS यानी iPhone यूजर्स के लिए WhatsApp बीटा वर्जन 26.34.10.70 के जरिए उपलब्ध कराया जा रहा है। इस फीचर के आने से WhatsApp चैनल्स पर शेयर किए जाने वाले फोटो, वीडियो और अन्य मीडिया की सत्यता की जांच करना बेहद आसान हो जाएगा।
चैनल एडमिन के लिए यह सुविधा बेहद खास होने वाली है। यदि कोई एडमिन किसी पोस्ट में ऐसी तस्वीर या वीडियो शेयर करता है जिसे AI की मदद से जनरेट या एडिट किया गया है, तो वे उस पर साफ तौर पर AI लेबल लगा सकेंगे। इससे चैनल्स से जुड़े लाखों यूजर्स को पहली नजर में ही पता चल जाएगा कि वह कंटेंट असली है या कृत्रिम रूप से तैयार किया गया है।
कैसे काम करेगा WhatsApp का यह नया लेबल सिस्टम?
इस नए सिस्टम के तहत चैनल एडमिन को चैट या अपडेट के दौरान मिलने वाले Context Menu में 'AI Content Label' का विकल्प मिलेगा। एडमिन को उस विकल्प को चुनकर लेबल जोड़ना होगा और फिर उसे कंफर्म करना होगा। एक बार जब कोई मीडिया फाइल इस लेबल के साथ टैग हो जाती है, तो उसे बाद में हटाया नहीं जा सकता है। यह पारदर्शिता सुनिश्चित करता है कि कोई भी यूजर भ्रामक जानकारी का शिकार न हो।
इसके अलावा, कई देशों में चल रहे नए नियमों के तहत एआई-जनरेटेड कंटेंट की जानकारी देना कानूनी रूप से अनिवार्य किया जा रहा है। ऐसे देशों में WhatsApp इंटरफेस के ऊपर एक विशेष बैनर भी दिखाया जा सकता है, जो एडमिन को नियमों का पालन करने में मदद करेगा। यदि किसी iPhone यूजर को अभी तक अपने WhatsApp ऐप में यह ऑप्शन नहीं दिखाई दे रहा है, तो उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि कंपनी धीरे-धीरे इस अपडेट को सभी अकाउंट्स तक पहुंचा रही है।

