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| WhatsApp Age Verification: WhatsApp ने भारतीय यूजर्स से मांगी Date of Birth, जानिए क्या है मामला |
WhatsApp Users Notification: WhatsApp ने भारतीय यूजर्स से मांगी Birth Date, जानिए WhatsApp Age Verification और नए नियमों की पूरी सच्चाई
क्या आपके WhatsApp स्क्रीन पर अचानक अपनी जन्मतिथि (Date of Birth) दर्ज करने का एक नया नोटिफिकेशन दिखाई दिया है? यदि हाँ, तो आप अकेले नहीं हैं, क्योंकि WhatsApp अब भारत में कई यूजर्स से उनकी आयु की जानकारी दर्ज करने को कह रहा है। इस अचानक आए बदलाव ने लाखों WhatsApp यूजर्स के मन में सुरक्षा, निजता और अकाउंट बैन होने की चिंता पैदा कर दी है। इस विस्तृत समाचार लेख में, हम आपको बताएंगे कि WhatsApp आपकी Birth Date क्यों मांग रहा है, भारतीय कानून का इससे क्या संबंध है और WhatsApp के इस कदम का आपके व्यक्तिगत डेटा पर क्या असर पड़ेगा।
WhatsApp का नया पॉप-अप नोटिफिकेशन और Indian Users के बीच हलचल
भारत में पॉपुलर मैसेजिंग ऐप WhatsApp ने अपने कुछ यूजर्स की स्क्रीन पर एक विशेष पॉप-अप नोटिफिकेशन जारी करना शुरू किया है। इस नोटिफिकेशन में यूजर्स से उनकी जन्मतिथि (Date of Birth) दर्ज करने के लिए कहा जा रहा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर लीक हुए स्क्रीनशॉट और टेक रिपोर्टर अभिषेक यादव द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, इस मैसेज में संकेत दिया गया है कि यह कदम "आगामी भारतीय सरकारी नियमों" के तहत उठाया जा रहा है।
इस खबर के सामने आते ही भारतीय WhatsApp यूजर्स के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या भारत सरकार भी अन्य देशों की तरह मैसेजिंग प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया ऐप्स पर बच्चों और कम उम्र के यूजर्स के लिए कड़े नियम लागू करने जा रही है।
हालांकि, राहत की बात यह है कि WhatsApp और भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक सार्वजनिक घोषणा नहीं की गई है। सूत्रों के मुताबिक, यह WhatsApp द्वारा किया जा रहा एक सीमित परीक्षण (Optional Test) है, जिसका उद्देश्य भविष्य के भारतीय कानूनों के अनुकूल प्लेटफॉर्म को तैयार करना है।
WhatsApp पर Date of Birth मांगने के पीछे क्या हैं मुख्य कारण?
WhatsApp ने अपनी आधिकारिक सहायता वेबसाइट (Help Center) पर स्पष्ट किया है कि वह समय-समय पर दुनिया भर के यूजर्स से उनकी आयु दर्ज या सत्यापित (Verify) करने के लिए कह सकता है। WhatsApp द्वारा जन्मतिथि मांगने के निम्नलिखित मुख्य कारण हैं:
1. भारत का डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन अधिनियम (DPDP Act)
भारत सरकार द्वारा हाल ही में पारित डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (DPDP) एक्ट के तहत इंटरनेट कंपनियों को बच्चों (18 वर्ष से कम उम्र के नागरिकों) के डेटा संग्रह और प्रोसेसिंग पर सख्त सीमाएं तय करनी होंगी। कंपनियों के लिए नाबालिगों का डेटा प्रोसेस करने से पहले उनके अभिभावकों (Parents) की सहमति लेना अनिवार्य किया जा रहा है। WhatsApp इसी कानून का पालन सहजता से करने के लिए पहले से तैयारी कर रहा है।
2. WhatsApp Meta AI और Age-Appropriate Experience
WhatsApp में अब Meta AI की सुविधाएं एकीकृत (Integrated) कर दी गई हैं। Meta AI के जरिए AI कंटेंट, इमेज जनरेशन और इंटेलिजेंट चैटबॉट की सुविधा मिलती है। WhatsApp चाहता है कि कम उम्र के यूजर्स को ऐसा कंटेंट न दिखे जो उनकी उम्र के हिसाब से उपयुक्त न हो। WhatsApp यूजर्स की आयु जानकर अपनी AI सेवाओं और Channels/Status में दिखने वाले विज्ञापनों को आयु-अनुकूल बना सकेगा।
3. कानूनी अनुपालन और सुरक्षा नीतियां
दुनिया के अधिकांश देशों में WhatsApp का उपयोग करने के लिए न्यूनतम आयु सीमा 13 वर्ष (या कुछ देशों में 16 वर्ष) तय की गई है। WhatsApp अपनी सेवा की शर्तों (Terms of Service) को लागू करने, बाल शोषण को रोकने और साइबर सुरक्षा को मजबूत बनाने के उद्देश्य से यूजर्स की असली उम्र का रिकॉर्ड रखना चाहता है।
क्या WhatsApp आपकी Birth Date दूसरों को दिखाएगा? जानिए WhatsApp Privacy
स्मार्टफोन यूजर्स के बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या WhatsApp में उनकी जन्मतिथि (Date of Birth) उनके दोस्तों, रिश्तेदारों या अनजान लोगों को प्रोफाइल में दिखेगी?
WhatsApp ने स्पष्ट तौर पर अपनी निजता नीति (Privacy Policy) में यह बताया है कि:
पूरी तरह से गुप्त डेटा: आपके द्वारा दर्ज की गई Birth Date किसी भी अन्य WhatsApp यूजर को दिखाई नहीं देगी। यह जानकारी आपके प्रोफाइल, स्टेटस या चैट विंडो में कहीं भी सार्वजनिक नहीं की जाएगी।
एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन सुरक्षित: आपके व्यक्तिगत संदेश (Chats), कॉल और मीडिया फाइलें पहले की तरह ही एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड (End-to-End Encrypted) रहेंगी। WhatsApp आपकी निजी बातें नहीं पढ़ सकता।
18 वर्ष की आयु सीमा पार करने पर: जब कोई नाबालिग यूजर 18 वर्ष की आयु पूरी कर लेता है, तो उसका WhatsApp अकाउंट अपने आप एडल्ट अकाउंट में बदल जाएगा और उसे ऐप की सभी मुख्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
दुनिया भर में WhatsApp Age Limits और सरकारी कानून
भारत से बाहर भी इंटरनेट और सोशल मीडिया पर बच्चों की सुरक्षा को लेकर कड़े कदम उठाए जा रहे हैं।
विभिन्न देशों में लागू WhatsApp और सोशल मीडिया नियम:
ऑस्ट्रेलिया का कड़ा कानून: ऑस्ट्रेलिया ने हाल ही में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल पूरी तरह बैन करने का कानून बनाया है। इसमें Facebook, Instagram, TikTok, Snapchat, X और YouTube शामिल हैं। हालांकि, संवाद के लिए आवश्यक होने के कारण WhatsApp को इस बैन से छूट दी गई है।
यूनाइटेड किंगडम (UK) ऑनलाइन सेफ्टी एक्ट: यूके में डिजिटल सर्विसेज के लिए यूजर की उम्र सत्यापित करना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके तहत फोटो आईडी या एआई फेस स्कैनर (Yoti) के जरिए उम्र का सत्यापन किया जाता है।
भारत में आगामी स्थिति: यदि भारत सरकार भी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के लिए Age-Verification नियम अनिवार्य करती है, तो WhatsApp के अलावा Telegram, Signal, Instagram और Snapchat को भी यूजर्स की जन्मतिथि और आयु सत्यापित करनी होगी।
WhatsApp पर Date of Birth कैसे दर्ज करें और Age Verification प्रक्रिया
यदि आपके फोन पर WhatsApp का जन्मतिथि दर्ज करने वाला नोटिफिकेशन दिखाई देता है, तो इसे पूरा करना बहुत आसान है।
नोटिफिकेशन पर क्लिक करें: WhatsApp खोलते ही यदि स्क्रीन पर "How old are you?" या "Enter your Date of Birth" का विकल्प आए, तो उस पर टैप करें।
जन्म का वर्ष, महीना और दिन चुनें: दिए गए कैलेंडर ड्रॉप-डाउन मेनू से अपने जन्म का वर्ष, महीना और तारीख सही-सही चुनें।
जानकारी की पुष्टि करें: दर्ज की गई विवरण को जांचें और 'Confirm' या 'Next' पर टैप करें।
अतिरिक्त सत्यापन (यदि मांगा जाए): यदि WhatsApp आपके अकाउंट को नाबालिग होने के संदेह में फ्लैग करता है, तो आपसे सरकारी पहचान पत्र (जैसे पासपोर्ट या ड्राइविंग लाइसेंस) की फोटो अपलोड करने या सेल्फी वेरीफिकेशन (Yoti के माध्यम से) के लिए कहा जा सकता है।
WhatsApp Age Verification: निष्कर्ष और आगे की राह
WhatsApp द्वारा भारतीय यूजर्स से Birth Date मांगना डिजिटल सुरक्षा और निजता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यद्यपि WhatsApp और केंद्र सरकार द्वारा अभी तक किसी अनिवार्य नियम की अंतिम घोषणा नहीं हुई है, लेकिन आगामी डिजिटल कानूनों और Meta AI की सुरक्षा जरूरतों को देखते हुए यह प्रक्रिया बेहद स्वाभाविक है। यूजर्स को घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है, क्योंकि आपकी जन्मतिथि पूरी तरह गोपनीय रहेगी और इसका असर आपकी दैनिक चैट पर नहीं पड़ेगा। जैसे ही WhatsApp या सरकार इस संबंध में कोई अंतिम फैसला जारी करेगी, स्थिति पूरी तरह साफ हो जाएगी।

