WhatsApp पर रेल टिकट दिखाना पड़ेगा भारी, Indian Railways ने अचानक बदले टिकट के नियम

Arvind Kumar
WhatsApp पर रेल टिकट दिखाना पड़ेगा भारी, Indian Railways ने अचानक बदले टिकट के नियम
WhatsApp पर रेल टिकट दिखाना पड़ेगा भारी, Indian Railways ने अचानक बदले टिकट के नियम

WhatsApp पर रेल टिकट दिखाना पड़ेगा भारी, भारतीय रेलवे ने लागू किए बेहद कड़े नियम

ट्रेन में सफर के दौरान मोबाइल पर टिकट दिखाना आजकल बेहद आम हो चुका है, लेकिन अगर आप भी चेकिंग के समय टीटीई को केवल WhatsApp संदेश, स्क्रीनशॉट या साधारण PDF फाइल दिखाते हैं, तो यह आदत भारी मुसीबत का कारण बन सकती है। भारतीय रेलवे ने टिकटों की वैधता को लेकर नए और बेहद सख्त नियम जारी किए हैं, जिसके बाद आपकी पुरानी आदतें सीधे आपको बिना टिकट वाली श्रेणी में खड़ा कर सकती हैं। इस नए बदलाव के तहत डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करने और धोखाधड़ी पर लगाम लगाने के लिए अब विशेष रूप से RailOne ऐप से बुक किए गए अनारक्षित (Unreserved) टिकटों के वेरिफिकेशन के तरीकों को पूरी तरह बदल दिया गया है, जिसकी पूरी जानकारी आपको सफर पर निकलने से पहले होना बेहद जरूरी है।

WhatsApp टिकट की मान्यता खत्म, रेलवे ने बंद किए पुराने रास्ते

डिजिटल इंडिया के इस दौर में ज्यादातर यात्री अपने टिकट की फोटो खींच लेते हैं या सहूलियत के लिए WhatsApp पर मंगा लेते हैं। हालांकि, भारतीय रेलवे के आधिकारिक बयान और नए नियमों के अनुसार, अब RailOne ऐप से खरीदे गए जनरल टिकट की कोई भी डिजिटल फोटो, साधारण स्क्रीनशॉट या किसी के द्वारा WhatsApp पर फॉरवर्ड की गई PDF कॉपी पूरी तरह से अवैध मानी जाएगी। रेलवे ने यह साफ कर दिया है कि चेकिंग स्टाफ के सामने किसी भी प्रकार की डिजिटल कॉपी का प्रदर्शन टिकट का वैध प्रमाण नहीं माना जाएगा।

RailOne ऐप से जुड़े नए नियम और यात्रियों के लिए सख्त शर्तें

भारतीय रेलवे ने सुरक्षा और पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए यात्रियों के लिए कुछ कड़े दिशा-निर्देश तय किए हैं। रेलवे के मुताबिक, धोखाधड़ी और एक ही टिकट पर कई लोगों द्वारा यात्रा करने की घटनाओं को रोकने के लिए यह कदम उठाना अनिवार्य हो गया था। अब यात्रा के दौरान आपको नियमों का कड़ाई से पालन करना होगा, जो इस प्रकार हैं:

  • मूल ऐप में टिकट का होना अनिवार्य: टिकट जांच के समय टीटीई को केवल RailOne ऐप को लाइव खोलकर उसके भीतर मौजूद ओरिजिनल डिजिटल टिकट ही दिखाना होगा।

  • पंजीकृत मोबाइल की बाध्यता: जिस मोबाइल नंबर से टिकट की बुकिंग की गई है, उसी मोबाइल फोन के भीतर ऐप खोलकर टिकट का प्रदर्शन करना आवश्यक है। किसी अन्य डिवाइस में लॉग-इन या WhatsApp द्वारा भेजे गए वर्जन को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

  • पहचान पत्र की अनिवार्यता: डिजिटल रूप से वैध टिकट दिखाने के साथ-साथ यात्री के पास एक सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त फोटो पहचान पत्र (जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस) होना अनिवार्य है।

इन्हें नहीं माना जाएगा वैध टिकट, तुरंत लगेगा भारी जुर्माना

रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि पारंपरिक रूप से उपयोग किए जा रहे कई तरीकों को अब 'बिना टिकट यात्रा' की श्रेणी में रखा जाएगा। यदि आप नीचे दिए गए माध्यमों का उपयोग करते पाए जाते हैं, तो रेलवे नियमों के तहत आपके खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाएगी और जुर्माना वसूला जाएगा:

  1. WhatsApp स्क्रीनशॉट: टिकट बुक करने के बाद उसका स्क्रीनशॉट लेकर किसी अन्य को भेजना या उसे टीटीई को दिखाना।

  2. WhatsApp PDF फाइल: बुकिंग के बाद जनरेट हुई पीडीएफ को डाउनलोड करके केवल फाइल मैनेजर या WhatsApp डॉक्यूमेंट के रूप में दिखाना।

  3. टिकट की सामान्य फोटो: किसी अन्य स्क्रीन या प्रिंटेड कॉपी की मोबाइल से खींची गई साधारण फोटो।

  4. अन्य मैसेजिंग ऐप्स: किसी भी अन्य सोशल मीडिया या चैट प्लेटफॉर्म के माध्यम से साझा की गई टिकट की जानकारी।

भारतीय रेलवे का मुख्य उद्देश्य टिकटों की डुप्लिकेसी और एक ही स्क्रीनशॉट को कई लोगों में WhatsApp द्वारा फॉरवर्ड करके की जाने वाली अवैध यात्राओं पर पूरी तरह से रोक लगाना है। इसलिए, अगली बार जब भी आप रेल यात्रा की योजना बनाएं, तो यह सुनिश्चित करें कि आपका मोबाइल फोन चार्ज हो और टिकट दिखाने के लिए आप सीधे ओरिजिनल RailOne ऐप का ही उपयोग करें, न कि WhatsApp या किसी अन्य शॉर्टकट का।

Tags
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now

#buttons=(Accept !) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Out
Accept !
To Top