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| WhatsApp नंबर पर शिकायत करते ही नपेंगे भ्रष्ट अधिकारी, तमिलनाडु सरकार का बड़ा एक्शन |
WhatsApp पर शिकायत करते ही नपेंगे भ्रष्ट अधिकारी, तमिलनाडु सरकार का बड़ा एक्शन
तमिलनाडु में अब भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के खिलाफ जनता को एक बेहद ताकतवर हथियार मिल गया है। अगर राज्य का कोई भी सरकारी कर्मचारी काम के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो आम नागरिक सीधे अपने मोबाइल फोन से उसकी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। राज्य की नई टीवीके सरकार ने इस दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए जनता के लिए एक विशेष शिकायत माध्यम जारी किया है, जिसके तहत भ्रष्टाचार की तुरंत रिपोर्ट की जा सकती है। इस नई पहल का मुख्य उद्देश्य सरकारी कार्यालयों से रिश्वतखोरी को जड़ से खत्म करना और प्रशासनिक कामकाज को पूरी तरह पारदर्शी बनाना है।
WhatsApp नंबर पर शिकायत दर्ज कराने की नई सरकारी सुविधा
तमिलनाडु सरकार ने जनता की सुविधा के लिए आधिकारिक तौर पर 94981 80936 नंबर जारी किया है। यदि कोई भी अधिकारी या कर्मचारी किसी सरकारी काम को करने के लिए पैसों की मांग करता है, तो पीड़ित व्यक्ति सीधे इस नंबर पर मैसेज भेजकर शिकायत दर्ज करा सकता है। मुख्यमंत्री एस. जोसेफ विजय ने साफ तौर पर कहा है कि सरकार भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ तुरंत और सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करेगी।
मुख्यमंत्री ने जनता से भी अपील की है कि वे किसी भी कीमत पर रिश्वत न दें। यदि कोई कर्मचारी पैसों की मांग करता है, तो उसे साफ शब्दों में मना करें और बिना डरे तुरंत सरकारी शिकायत पोर्टल या हेल्पलाइन का सहारा लें।
सभी सरकारी कार्यालयों में अवेयरनेस नोटिस बोर्ड लगाना अनिवार्य
इस नई व्यवस्था को जमीनी स्तर पर मजबूती से लागू करने के लिए तमिलनाडु के मुख्य सचिव एम. साई कुमार ने राज्य के सभी विभाग सचिवों, विभागाध्यक्षों और जिला कलेक्टरों को एक कड़ा आधिकारिक सर्कुलर जारी किया है। इस सर्कुलर के तहत राज्य के प्रशासनिक ढांचे में कई बड़े बदलाव किए जा रहे हैं:
एंटी-करप्शन नोटिस बोर्ड: राज्य के सभी सरकारी कार्यालयों और सार्वजनिक स्थानों पर जहां आम जनता का आना-जाना अधिक होता है, वहां प्रमुखता से एंटी-करप्शन अवेयरनेस नोटिस बोर्ड लगाए जाएंगे।
द्विभाषी सूचना: यह सभी नोटिस बोर्ड अनिवार्य रूप से तमिल और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में होंगे ताकि हर नागरिक शिकायत प्रक्रिया को आसानी से समझ सके।
डिजिटल लिंक: इस विशेष शिकायत नंबर और डायरेक्टोरेट ऑफ एंटी-करप्शन (DVAC) की आधिकारिक वेबसाइट के लिंक को सभी सरकारी विभागों की मुख्य वेबसाइट्स पर अनिवार्य रूप से प्रदर्शित किया जाएगा।
पहले भी इस तरह के आदेश जारी किए जा चुके थे, लेकिन सरकार के संज्ञान में आया था कि कई कार्यालयों में इन नियमों का ठीक से पालन नहीं किया जा रहा है। इसी वजह से अब दोबारा कड़े निर्देश जारी किए गए हैं और लापरवाही बरतने वाले कार्यालयों पर भी नजर रखी जा रही है।
इन अन्य माध्यमों से भी दर्ज करा सकते हैं अपनी शिकायत
भ्रष्टाचार और रिश्वत के खिलाफ सरकार ने केवल एक ही जरिया नहीं रखा है। यदि कोई व्यक्ति अन्य माध्यमों से अपनी बात एंटी-करप्शन ब्यूरो तक पहुंचाना चाहता है, तो उसके लिए भी कई विकल्प खुले रखे गए हैं:
ईमेल के जरिए: नागरिक अपनी शिकायत सीधे dvac@nic.in पर मेल कर सकते हैं।
टेलीफोन नंबर: फोन के जरिए तुरंत शिकायत दर्ज कराने के लिए हेल्पलाइन नंबर्स 044-22321090, 22321085, 22310989, और 22342142 जारी किए गए हैं।
लिखित शिकायत (डाक द्वारा): यदि कोई लिखित शिकायत भेजना चाहता है, तो वह सीधे 'डायरेक्टर, डिपार्टमेंट ऑफ एंटी-करप्शन (DVAC), नंबर 293, M.K.N. रोड, अलंदूर, चेन्नई - 600016' के पते पर स्पीड पोस्ट या साधारण डाक के माध्यम से पत्र भेज सकता है।
निष्कर्ष
तमिलनाडु सरकार द्वारा भ्रष्टाचार के खिलाफ उठाया गया यह कदम प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो सकता है। मोबाइल तकनीक का उपयोग करके सीधे शिकायत दर्ज कराने की सुविधा से अब आम नागरिकों और जांच एजेंसियों के बीच की दूरी खत्म हो जाएगी। यदि जनता सजग रहकर इस सुविधा का सही इस्तेमाल करती है, तो निश्चित रूप से सरकारी दफ्तरों में फैला भ्रष्टाचार का जाल जल्द ही ध्वस्त हो जाएगा।

